आगरा जेल के 10 कैदी कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का तबादला


-सेंट्रल जेल के 10 कैदियों में कोरोना की पुष्टि, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का तबादला..


आगरा मेडिकल कॉलेज को सैनिटाइज करते दमकलकर्मी–



जेल प्रशासन ने कहा था कि मार्च के महीने से कैदियों की मुलाकातें बंद हैं, बाहर के किसी आदमी से संपर्क नहीं है ऐसे में कैदी को कैसे हो सकता है कोरोना ?


लखनऊउत्तर प्रदेश, आगरा, 13 मई 2020, आगरा में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है, अब आगरा की सेंट्रल जेल में 10 कैदी कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है, मंगलवार को कैदियों की दूसरी कोरोना रिपोर्ट में 10 कैदी पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद 100 कैदियों को क्वारंटाइन कराया गया है, 14 कैदी पहले से ही क्वारंटाइन थे और जिनमें से 10 अब संक्रमित मिले हैं, 9 मई को संक्रमण से हुई थी मौत, जानकारी के अनुसार 3 मई को एक कैदी की हालत खराब थी, जिसके बाद कैदी को कोरोना टेस्ट के लिए सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, बाद में 9 मई को कैदी की मौत हो गयी, कैदी की मौत के बाद से ही पूरी सेंट्रल जेल में खलबली मच गई, जिसके बाद 14 कैदियों और 13 जेल स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराया गया  था, कोरोना टेस्ट के बाद 10 कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।


आगरा में कोरोना वायरस का कहर..


संक्रमितों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने एक और अधिकारी को हटा दिया है, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य जीके अनेजा का तबादला कर दिया गया है, अब संजय काला को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया है, दरअसल प्राचार्य जीके अनेजा का डॉक्टरों के साथ विवाद हुआ था।
इस बीच आगरा सेंट्रल जेल के 10 कैदियों में कोरोना की पुष्टि हुई है, कोरोना जांच पॉजिटिव आने के बाद स्थानीय प्रशासन और जेल प्रशासन को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है की सेंट्रल जेल के कैदी भी कोरोना ग्रसित हो सकते हैं और इसी शक के मद्देनजर इन सभी कैदियों कि दोबारा कोरोना की जांच कराई जा रही है।


बाहर के किसी आदमी से संपर्क नहीं, ऐसे में कैदी को कैसे हो सकता है कोरोना वायरस ?


पहले 12 कैदियों में कोरोना की पुष्टि हुई थी, लेकिन रिसैम्पलिंग में 10 कैदी पॉजिटिव निकले हैं, बीते दिनों एक संक्रमित कैदी की मौत के बाद प्रशासन ने 12 कैदियों की कोरोना जांच कराई थी, पहले 12 कैदियों की रिजल्ट पॉजिटिव आई, दोबारा जांच में 10 कैदी कोरोना संक्रमित मिले हैं, अब आगरा में कोरोना मरीजों की संख्या 777 हो गई है।
सेंट्रल जेल में 5 मई को एक कैदी कोरोना पॉजिटिव मिला था, इसका खुलासा मरीज की दूसरी बीमारी के इलाज के लिए कराए गए कोरोना टेस्ट के दौरान हुआ था, इस पर जेल प्रशासन को बहुत आश्चर्य हुआ था, जेल प्रशासन ने भी कहा था कि मार्च के महीने से कैदियों की मुलाकातें बंद हैं, बाहर के किसी आदमी से संपर्क नहीं है ऐसे में कैदी को कैसे हो सकता है कोरोना वायरस?


इसी कड़ी में यूपी के डीजी जेल आनंद कुमार ने कहा कि हमें शक है कि किसी सफाईकर्मी या जेल में आए राशन, सब्जी या फल से कोरोना संक्रमण हुआ है, आगरा की घटना से सबक लेते हुए यूपी की सभी जेलों में आने वाली सप्लाई को विसंक्रमित करने का आदेश दिया गया है।


रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी