लॉकडाउन के बीच लखनऊ केजीएमयू के डॉक्टर को गोली मारकर लूटी कार


-परिजनों के मुताबिक इस बीच डॉ. विजय के मोबाइल पर किसी का फोन आया और वो बात करते हुए बाहर निकल गए..



-पुलिस के मुताबिक डॉक्टर मोबाइल पर बात करते हुए कार तक पहुंचे और दरवाजा खोलकर अंदर बैठे तभी पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया..


लखनऊ, 21 अप्रैल 2020, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लॉक डाउन के चलते थमी संगीन अपराध की खामोशी को तोड़ते हुए बदमाशों ने सोमवार रात केजीएमयू के डॉक्टर को गोली मारकर कार व मोबाइल फोन लूट लिया। घटना सुशांत गोल्फ सिटी थानाक्षेत्र में चौधरीखेड़ा रेलवे क्रासिंग के पास उस वक्त हुई, जब डॉक्टर रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल डॉक्टर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने लुटेरों की तलाश में शहर भर में नाकाबंदी कर दी है।
सुशांत गोल्फ सिटी के मकान नंबर डी-3/40 में रहने वाले डॉ. विजय कुमार सिंह केजीएमयू के एसपीएम विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। एसीपी मोहनलालगंज संजीव सिन्हा ने बताया कि डॉ. विजय कुमार के रिश्तेदार चौधरीखेड़ा में रहते हैं। सोमवार को उनके परिवार में बच्चे का जन्मदिन था। लिहाजा शाम को ड्यूटी से खाली होने के बाद डॉ. विजय कुमार अपने घर पहुंचे। फिर वहां से पत्नी व बच्चों को साथ लेकर रिश्तेदार के घर चले गए। परिजनों के मुताबिक इस बीच डॉ. विजय के मोबाइल पर किसी का फोन आ गया और वो बात करते हुए बाहर निकल गए। ओवरटेक करके रोका, मारी गोली
पुलिस के मुताबिक डॉ. विजय ने अपनी कार घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खड़ी की थी। वह मोबाइल पर बात करते हुए कार तक पहुंचे और दरवाजा खोलकर अंदर बैठ गए। तभी पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। डॉक्टर के विरोध करने पर बदमाश ने उन्हें गाड़ी से बाहर खींच लिया। दोनों में हाथापाई होने लगी। इस बीच दूसरे बदमाश ने असलहा निकाल कर डॉक्टर को गोली मार दी।


-लड़खड़ाते हुए रिश्तेदार के घर पहुंचे..


बांयी जांघ में गोली लगने से डॉ. विजय कुमार लहूलुहान होकर गिर गए। जबकि बदमाश उनकी कार व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक डॉ. विजय का पर्स भी कार में रखा हुआ था, बदमाश इसे भी लूट ले गए। फायरिंग की आवाज सुनकर कुछ लोग बाहर आए। उनकी मदद से वो लड़खड़ाते हुए वापस रिश्तेदार के घर गए। उधर  इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने घटना को संदिग्ध बताकर छुपाने का प्रयास किया। लेकिन जब ये पता चला कि पीड़ित विजय कुमार केजीएमयू के डॉक्टर हैं तो पुलिस ने जांच शुरू की। इंस्पेक्टर अजय सिंह का कहना है कि घटनाक्रम की कुछ चीजें स्पष्ट नहीं हो पा रही हैं।


रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी