यूपी में प्राइवेट स्कूलों को चिंता, नहीं लेंगे फीस तो शिक्षकों को कैसे मिलेगी सैलरी


यूपी के चार जिलों में प्राइवेट स्कूलों को अप्रैल, मई और जून की एडवांस फीस न लेने के हुए हैं आदेश



इन स्कूलों के शिक्षकों ने आशंका जताई कि यदि स्कूल अभिभावकों से अभी फीस नहीं लेंगे तो शिक्षकों का वेतन स्कूल कैसे देगा..



लखनऊ, 07 अप्रैल 2020, यूपी के कुछ जिलों में निजी स्कूलों में एडवांस फीस न लिए जाने के आदेश जारी होते ही पूरे प्रदेश से मांग उठने लगी है कि इसके लिए प्रदेश स्तर से आदेश जारी किया जाए। 
दूसरी तरफ, इन स्कूलों के शिक्षकों ने आशंका जताई है कि यदि स्कूल फीस नहीं लेंगे तो उनका वेतन स्कूल कैसे देगा? लिहाजा सरकार ऐसे स्कूलों के लिए आपदा राहत कोष से शिक्षकों को राहत दे। लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, सीतापुर, ग्रेटर नोएडा समेत कुछ जिलों में तीन महीनों की फीस एडवांस में न लिए जाने के आदेश जारी हो चुके हैं। आदेश के मुताबिक अप्रैल, मई और जून की एडवांस फीस स्कूल अभी न लें। वहीं आपदा खत्म होने पर इन तीन महीनों की फीस को आने वाले महीनों में समायोजित किया जाए।


शिक्षण संस्थान एडवांस फीस के लिए अभिभावकों को न करें मजबूर- डीएम


इस दौरान किसी भी विद्यार्थी का नाम स्कूल से इस आधार पर काटा नहीं जाएगा। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, कलावती ह्यूमन डेवलपमेंट सोसाइटी, यूपी अभिभावक संघ समेत कई संस्थाओं ने मुख्यमंत्री से प्रदेश स्तर पर आदेश जारी करने की मांग की है। 
शिक्षण संस्थान एडवांस फीस के लिए अभिभावकों को न करें मजबूर- डीएम
दूसरी तरफ, निजी स्कूलों के शिक्षकों को अपने वेतन न दिए जाने का भय सताने लगा है। वित्तविहीन महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कहा है कि यूपी बोर्ड के लगभग 21 हजार स्कूल प्रदेश में हैं और इनमें से 70 फीसदी गांवों में हैं। प्रदेश में लगभग ढाई लाख शिक्षक हैं और लगभग 80 फीसदी गांवों के स्कूलों में हैं जिन्हें न तो मार्च का वेतन मिला है और आने वाले समय में वेतन न मिलने का डर सताने लगा है। ज्यादातर स्कूल फरवरी से  परीक्षाओं के कारण बंद चल रहे हैं। वहीं स्कूलों ने अपनी जमापूंजी बोर्ड परीक्षाओं के लिए सीसीटीवी, वाइस रिकार्डर आदि लगवाने में खर्च कर दी। लिहाजा स्कूलों को भी अब फीस का ही इंतजार है। 


रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी