कोटा से बेटा लाने के लिए बीजेपी विधायक का पास जारी होने पर घिर गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार


-प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश पर किया वार कहा अब क्या कहती है आपकी मर्यादा, तेजस्वी ने नीतीश को घेरा, बिहार में ऐसे अनेकों वीआईपी और अधिकारियों को पास निर्गत किए गए, फंसे बेचारा ग़रीब..


-सवालों के घेरे में, बीजेपी विधायक ने अपने क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों के लिए क्या किया जो दूसरे राज्यों में फंसे हैं, या हिसुआ का सिर्फ एक ही छात्र तो कोटा में नहीं फंसा होगा..


लखनऊबिहार, 20 अप्रैल 2020, हर गांव में ये कहावत प्रचलित है कि संपन्न के नहीं दोष गोसाईं.. यानि जो अमीर है और ताकतवर उसकी कोई गलती नहीं होती है, ऐसा ही बिहार में हो रहा है, जब बिहार में एक बीजेपी विधायक ने सरेआम प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश की अपील का ही नहीं बल्कि कानून को तोड़ा है। नवादा के हिसुआ के बीजेपी विधायक लॉकडाउन के बावजूद हजारों किलोमीटर दूर जाकर अपनी बेटी को कोटा से लेकर आए।
दरअसल नवादा के हिसुआ के बीजेपी विधायक अनिल सिंह की बेटी कोटा में रहकर कोचिंग करती है, लॉकडाउन होने पर उनकी बेटी भी उन हजारों छात्रों की तरह वहीं फंस गई, इस बीच हिसुआ विधायक को अपनी बेटे की चिंता सताने लगी और वो गाड़ी लेकर खुद पटना से हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के कोटा जा पहुंचे और फिर बेटे को यहां ले आए।


-बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कहा कि उनका बेटा कोटा में परेशान था..



मामला सामने आने पर बीजेपी विधायक ने सफाई भी दी, बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कहा कि उनने बेटा कोटा में परेशान था, मैं पहले पिता हूं फिर विधायक हूं इसलिए मैंने पिता और विधायक का धर्म और कर्तव्य निभाया है, जब उनसे ये पूछा गया कि क्या उन्होंने कोरोना को लेकर की गई बंदी का उल्लंघन नहीं किया तो विधायक ने कहा कि मैं जिला प्रशासन की अनुमति और सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही अपने बेटी को वहां से लाया हूं।


-नीतीश ने कोटा से छात्रों को लाने की मांग को गलत बताया था..



आपको बता दें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने लॉकडाउन की वजह से कोटा में फंसे छात्रों को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है, उन्होंने स्पष्ट किया था कि कोटा में फंसे छात्रों को वापस नहीं बुलाया जाएगा, इससे पहले शनिवार को भी नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि कोटा में फंसे छात्रों को बुलाने की जो मांग की जा रही है पूरी तरह से गलत है, अगर ऐसा होगा तो फिर लॉकडाउन का क्या मतलब?


-प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश से कहा अब कहां गई आपकी मर्यादा..



 नीतीश कुमार के पुराने साथी रहे प्रशांत किशोर ने वाहन पास दिखाते हुए नीतीश कुमार पर हमला बोला है, पीके ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने ये कहकर खारिज कर दिया था कि ऐसा करना लॉक डाउन की मर्यादा के खिलाफ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने बीजेपी के एक विधायक को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है?
कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने ये कहकर खारिज कर दिया था कि ऐसा करना लॉक डाउन की मर्यादा के खिलाफ होगा। 
अब उन्हीं की सरकार ने बीजेपी के एक विधायक को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है?


-तेजस्वी यादव ने भी साधा निशाना..



आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी नीतीश सरकार पर निशाना साधा है,उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि बिहार सीएम यूपी सीएम को कह रहे थे कि उन्हें कोटा में फँसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसों को अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। दूसरी तरफ़ अपने विधायक को गोपनीय तरीक़े से उनके बेटे को वापस लाने की अनुमति दे रहे थे। बिहार में ऐसे अनेकों वीआईपी और अधिकारियों को पास निर्गत किए गए। फँसे बेचारा ग़रीब..


-क्या कार्रवाई करेगी पार्टी..


अब सवाल ये उठता है कि क्या सरकार दोषी अफसर के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान पास निर्गत किए और क्या बीजेपी अपने उस विधायक पर कार्रवाई करेगी जिसने प्रधानमंत्री मोदी के आदेशों की अवहेलना की है ।


-सबसे बड़ा सवाल..


सबसे बड़ा सवाल ये है कि विधायक जी को अपने बेटे की चिंता थी, अगर उन्हें इतना ही ख्याल था तो अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों के लिए क्या किया जो दूसरे राज्यों में फंसे हैं, या हिसुआ का सिर्फ एक ही छात्र तो कोटा में नहीं फंसा होगा ?


रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी