लॉकडाउन के चौथे दिन लखनऊ बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़


लॉकडाउन के चौथे दिन लखनऊ बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़



सैकड़ों यात्रियोें की मौजूदगी की सूचना पर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी, कमिश्नर सुजीत पांडेय, पहुंचे मौके पर



लखनऊ, 28 मार्च 2020, लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिल्ली से हजारों की तादात में यात्री विभिन्न संसाधनों से राजधानी लखनऊ के बस स्टेशनों पर उमड़ पडे़। इससे हड़कंप मच गया। चारबाग बस अड्डे पर पूर्वांचल की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्रियोें के मौजूदगी की सूचना पर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी, कमिश्नर सुजीत पांडेय, जिला प्रशासन समेत परिवहन निगम के आला अफसर मौके पर पहुंच गए। हाल देख जिला प्रशासन के निर्देश पर बसों को भेजने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम तक करीब सवा सौ से अधिक बसों को गंतव्य की आेर रवाना किया जा चुका है। इनमें मुख्य तौर पर गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, बस्ती, प्रयागराज सहित दर्जनभर जिले शामिल हैं।
पुलिस प्रमुख और कमिश्नर ने पीने का पानी और बिस्किट उपलब्ध कराया। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस से बसों की संख्या की जानकारी ली। इस दौरान रोडवेज के मुख्य प्रधान प्रबंधक, जीएम, क्षेत्रीय प्रबंधक समेत कई अधिकारी चारबाग बस अड्डे मौजूद रहे। भीड़ देख बसों को गंतव्य की ओर भेजे जाने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम तक करीब सवा सौ बसों को विभिन्न जिलों के यात्रियों को लेकर भेजा जा चुका है।
बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर और हरदोई की सवारियों की भीड़ देख प्रशासन ने कैसरबाग बस स्टेशन से बसों के संचालन को कहा। करीब 40 रोडवेज सेवाओं को प्रशासन के निर्देश पर जिलों को रवाना किया गया। अभी बाहर से आई भीड़ निस्तारित हो भी नहीं पाई थी कि अचानक लोकल यात्री मय परिवार बस अड्डा पहुंचने लगे। जैसे ही लोगों को रोडवेज सेवाओं के चलने की सूचना मिली बस स्टेशन परिसर में फिर से हुजूम एकत्र होने लगा। कई लोगों को भेजा गया तो कई को समझाकर बताया गया कि लॉकडाउन है। विशेष जरूरत पर ही निकलें। भीड़ होने की सूचना पर पुलिस प्रमुख और कमिश्नर कैसरबाग बस स्टेशन गए और यात्रियों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया। साथ ही दूरी बनाए रखने के नियमों को मानने को कहा।


चालकों की कमी..14 अप्रैल तक बस सेवाएं बंद किए जाने के आदेशों के बाद चालक बसें खडी कर अपने घरों को चले गए। शनिवार सुबह अचानक हुई भीड़ के बाद चालकों को फिर से बुलाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ। लोकल से तो चालक परिचालक पहुंच गए लेकिन बाहर के चालक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके चलते बसों के संचालन में बाधा आई।


रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी