महाराष्ट्र की सियासत में हुवा बड़ा उलटफेर/ बीजेपी-एनसीपी ने मिलकर बनाई सरकार


महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस की सरकार का प्लान लगभग तय हो चुका था, तभी सभी को चौंकाते हुए एनसीपी ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली.


बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को चुनाव हुए थे और नतीजे 24 अक्टूबर को आए. राज्य में किसी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने की वजह से राज्य में 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. शिवसेना के मुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर बीजेपी से 30 साल पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद से राज्य में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था.
महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है. महाराष्ट्र में चौंकाते हुए बीजेपी-एनसीपी ने मिलकर सरकार बना ली है. देवेंद्र फडणवीस को बतौर मुख्यमंत्री दोबारा राज्य की कमान सौंप दी गई है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, तो वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.शपथ ग्रहण के बाद एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की समस्या प्राथमिकता है. हम किसानों की समस्या को हल करने के लिए साथ आए हैं. अजित पवार ने कहा कि नतीजे आने के दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं थी, महाराष्ट्र किसान मुद्दे सहित कई समस्याओं का सामना कर रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया/ वहीं, शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'महाराष्ट्र की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया था. हमारे साथ लड़ी शिवसेना ने उस जनादेश को नकार कर दूसरी जगह गठबंधन बनाने का प्रयास किया. महाराष्ट्र को स्थिर शासन देने की जरूरत थी. महाराष्ट्र को स्थायी सरकार देने का फैसला करने के लिए अजित पवार को धन्यवाद.'/


महाराष्ट्र सवाददाता सादिक शेख  की रिपोर्ट